खर दूषन सुनि लगे पुकारा

चौपाई ६, दोहा २२ के अंतर्गत · अरण्यकाण्ड

चौपाई पाठ

खर दूषन सुनि लगे पुकारा। छन महुँ सकल कटक उन्ह मारा॥ खर दूषन तिसिरा कर घाता। सुनि दससीस जरे सब गाता॥ ६ ॥

अर्थ

मेरी पुकार सुनकर खर-दूषण सहायता करने आये। पर उन्होंने क्षणभर में सारी सेना को मार डाला। खर-दूषण और त्रिशिरा के वध का समाचार सुनकर रावण के सारे अंग जल उठे।

संदर्भ

यह अरण्यकाण्ड के “शूर्पणखा का रावण के पास जाना, माया सीता” प्रकरण का चौपाई ६, दोहा २२ के अंतर्गत है। इस प्रकरण में शूर्पणखा द्वारा रावण में दुराशा जगाना, सीता का अग्नि प्रवेश और माया सीता का प्राकट्य का वर्णन है।

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शूर्पणखा का रावण के पास जाना, माया सीता