कह मुनि सुनु रघुबीर कृपाला
कह मुनि सुनु रघुबीर कृपाला
चौपाई १, दोहा ८ के अंतर्गत · अरण्यकाण्ड
चौपाई पाठ
कह मुनि सुनु रघुबीर कृपाला। संकर मानस राजमराला॥ जात रहेउँ बिरंचि के धामा। सुनेउँ श्रवन बन ऐहहिं रामा॥ १ ॥
अर्थ
मुनि ने कहा-हे कृपालु रघुवीर! हे शंकरजी के मनरूपी मानसरोवर के राजहंस! सुनिये, मैं ब्रह्मलोक को जा रहा था। [इतने में] कानों से सुना कि श्रीरामजी वन में आवेंगे।
संदर्भ
यह अरण्यकाण्ड के “विराध वध और शरभंग प्रसंग” प्रकरण का चौपाई १, दोहा ८ के अंतर्गत है। इस प्रकरण में श्रीराम द्वारा विराध वध और शरभंग मुनि को दर्शन देकर परम गति प्रदान करने का वर्णन है।
पूरा प्रकरण पढ़ें
पूरा प्रकरण पढ़ें
विराध वध और शरभंग प्रसंग