जब रघुनाथ समर रिपु जीते

चौपाई १, दोहा २१ के अंतर्गत · अरण्यकाण्ड

चौपाई पाठ

जब रघुनाथ समर रिपु जीते। सुर नर मुनि सब के भय बीते॥ तब लछिमन सीतहि लै आए। प्रभु पद परत हरषि उर लाए॥ १ ॥

अर्थ

जब श्रीरघुनाथजी ने युद्ध में शत्रुओं को जीत लिया तथा देवता, मनुष्य और मुनि सब के भय नष्ट हो गये, तब लक्ष्मणजी सीताजी को ले आये। चरणों में पड़ते हुए उनको प्रभु ने प्रसन्नतापूर्वक उठाकर हृदय से लगा लिया।

संदर्भ

यह अरण्यकाण्ड के “शूर्पणखा कथा, खर-दूषण वध” प्रकरण का चौपाई १, दोहा २१ के अंतर्गत है। इस प्रकरण में शूर्पणखा की दुष्टता, उसके उकसावे पर खर-दूषण का श्रीराम से युद्ध और उनका संहार का वर्णन है।

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शूर्पणखा कथा, खर-दूषण वध