देखि राम छबि नयन जुड़ाने
देखि राम छबि नयन जुड़ाने
चौपाई ४, दोहा ३ के अंतर्गत · अरण्यकाण्ड
चौपाई पाठ
देखि राम छबि नयन जुड़ाने। सादर निज आश्रम तब आने॥ करि पूजा कहि बचन सुहाए। दिए मूल फल प्रभु मन भाए॥ ४ ॥
अर्थ
श्रीरामजी की छबि देखकर मुनि के नेत्र शीतल हो गये। तब वे उन्हें आदरपूर्वक अपने आश्रम में ले आये। पूजन करके सुन्दर वचन कहकर मुनि ने मूल और फल दिये, जो प्रभु के मन को बहुत रुचे।
संदर्भ
यह अरण्यकाण्ड के “अत्रि मिलन और स्तुति” प्रकरण का चौपाई ४, दोहा ३ के अंतर्गत है। इस प्रकरण में अत्रि मुनि द्वारा श्रीराम के आश्रम में स्वागत और भावपूर्ण स्तुति का वर्णन है।
पूरा प्रकरण पढ़ें
पूरा प्रकरण पढ़ें
अत्रि मिलन और स्तुति