प्राकृत सिसु इव लीला देखि भयउ
प्राकृत सिसु इव लीला देखि भयउ
दोहा ७७ (ख) · उत्तरकाण्ड
दोहा पाठ
प्राकृत सिसु इव लीला देखि भयउ मोहि मोह। कवन चरित्र करत प्रभु चिदानंद संदोह॥ ७७ (ख) ॥
अर्थ
साधारण बच्चों-जैसी लीला देखकर मुझे मोह हुआ। सच्चिदानन्दघन प्रभु यह कौन-सा चरित्र कर रहे हैं।
संदर्भ
यह उत्तरकाण्ड के “गरुड़ मोह, काकभुशुण्डि की रामकथा” प्रकरण का दोहा ७७ (ख) है। इस प्रकरण में शिव-पार्वती संवाद, गरुड़ के मोह और काकभुशुण्डि द्वारा रामकथा श्रवण का वर्णन है।
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गरुड़ मोह, काकभुशुण्डि की रामकथा