प्रभु अवतार कथा पुनि गाई
प्रभु अवतार कथा पुनि गाई
चौपाई ५, दोहा ६४ के अंतर्गत · उत्तरकाण्ड
चौपाई पाठ
प्रभु अवतार कथा पुनि गाई। तब सिसु चरित कहेसि मन लाई॥ ५ ॥
अर्थ
फिर प्रभु के अवतार की कथा वर्णन की। तदनन्तर मन लगाकर श्रीरामजी की बाललीलाएँ कहीं।
संदर्भ
यह उत्तरकाण्ड के “गरुड़ मोह, काकभुशुण्डि की रामकथा” प्रकरण का चौपाई ५, दोहा ६४ के अंतर्गत है। इस प्रकरण में शिव-पार्वती संवाद, गरुड़ के मोह और काकभुशुण्डि द्वारा रामकथा श्रवण का वर्णन है।
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गरुड़ मोह, काकभुशुण्डि की रामकथा