लंकापति कपीस नल नीला

चौपाई १, दोहा ८ के अंतर्गत · उत्तरकाण्ड

चौपाई पाठ

लंकापति कपीस नल नीला। जामवंत अंगद सुभसीला॥ हनुमदादि सब बानर बीरा। धरे मनोहर मनुज सरीरा॥ १ ॥

अर्थ

लंकापति विभीषण, कपीस सुग्रीव, नल, नील, जामवंत, अंगद और हनुमानजी आदि सभी बानर वीरों ने मनुष्यों के मनोहर शरीर धारण कर लिये।

संदर्भ

यह उत्तरकाण्ड के “राम का स्वागत, भरत मिलाप” प्रकरण का चौपाई १, दोहा ८ के अंतर्गत है। इस प्रकरण में अयोध्या में श्रीराम के स्वागत और भरत मिलाप के आनंदमय प्रसंग का वर्णन है।

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राम का स्वागत, भरत मिलाप