एक बार रघुनाथ बोलाए

चौपाई १, दोहा ४३ के अंतर्गत · उत्तरकाण्ड

चौपाई पाठ

एक बार रघुनाथ बोलाए। गुर द्विज पुरबासी सब आए॥ बैठे गुर मुनि अरु द्विज सज्जन। बोले बचन भगत भव भंजन॥ १ ॥

अर्थ

एक बार श्रीरघुनाथजी के बुलाये हुए गुरु, द्विज और सब पुरवासी आये। गुरु, मुनि और सज्जन बैठ गये, तब भक्तों के भव-भंजन श्रीरामजी वचन बोले--

संदर्भ

यह उत्तरकाण्ड के “राम का प्रजा को उपदेश” प्रकरण का चौपाई १, दोहा ४३ के अंतर्गत है। इस प्रकरण में श्रीराम द्वारा प्रजा को धर्म, वैराग्य और भक्ति का उपदेश तथा पुरवासियों की कृतज्ञता का वर्णन है।

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राम का प्रजा को उपदेश