भ्रातन्ह सहित रामु एक बारा

चौपाई १, दोहा ३२ के अंतर्गत · उत्तरकाण्ड

चौपाई पाठ

भ्रातन्ह सहित रामु एक बारा। संग परम प्रिय पवनकुमारा॥ सुंदर उपबन देखन गए। सब तरु कुसुमित पल्लव नए॥ १ ॥

अर्थ

एक बार भाइयों सहित श्रीरामचन्द्रजी परम प्रिय हनुमानजी को साथ लेकर सुन्दर उपवन देखने गये। वहाँ के सब वृक्ष फूले हुए और नये पत्तों से युक्त थे।

संदर्भ

यह उत्तरकाण्ड के “पुत्रजन्म, सनकादि का आगमन” प्रकरण का चौपाई १, दोहा ३२ के अंतर्गत है। इस प्रकरण में चारों भाइयों के पुत्रजन्म, अयोध्या की शोभा और सनकादि मुनियों के श्रीराम से परम तत्त्व संवाद का वर्णन है।

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पुत्रजन्म, सनकादि का आगमन