भगत हेतु भगवान प्रभु राम धरेउ

दोहा ७२ (क) · उत्तरकाण्ड

दोहा पाठ

भगत हेतु भगवान प्रभु राम धरेउ तनु भूप। किए चरित पावन परम प्राकृत नर अनुरूप॥ ७२ (क) ॥

अर्थ

भगवान् प्रभु श्रीरामचन्द्रजी ने भक्तों के लिये राजा का शरीर धारण किया और साधारण मनुष्यों के-से अनेकों परम पावन चरित्र किये।

संदर्भ

यह उत्तरकाण्ड के “गरुड़ मोह, काकभुशुण्डि की रामकथा” प्रकरण का दोहा ७२ (क) है। इस प्रकरण में शिव-पार्वती संवाद, गरुड़ के मोह और काकभुशुण्डि द्वारा रामकथा श्रवण का वर्णन है।

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गरुड़ मोह, काकभुशुण्डि की रामकथा