ताहि राखि कपीस पहिं आए
ताहि राखि कपीस पहिं आए
चौपाई २, दोहा ४३ के अंतर्गत · सुन्दरकाण्ड
चौपाई पाठ
ताहि राखि कपीस पहिं आए। समाचार सब ताहि सुनाए॥ कह सुग्रीव सुनहु रघुराई। आवा मिलन दसानन भाई॥ २ ॥
अर्थ
उन्हें [पहरे पर] ठहराकर वे सुग्रीव के पास आये और उनको सब समाचार कह सुनाये। सुग्रीव ने [श्रीरामजी के पास जाकर] कहा- हे रघुनाथजी! सुनिये, रावण का भाई [आपसे] मिलने आया है।
संदर्भ
यह सुन्दरकाण्ड के “विभीषण की राम शरण” प्रकरण का चौपाई २, दोहा ४३ के अंतर्गत है। इस प्रकरण में विभीषण के लंका त्यागकर श्रीराम की शरण में आने और प्रभु द्वारा कृपापूर्वक स्वीकार किए जाने का वर्णन है।
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विभीषण की राम शरण