तब देखी मुद्रिका मनोहर

चौपाई १, दोहा १३ के अंतर्गत · सुन्दरकाण्ड

चौपाई पाठ

तब देखी मुद्रिका मनोहर। राम नाम अंकित अति सुंदर॥ चकित चितव मुदरी पहिचानी। हरष बिषाद हृदयँ अकुलानी॥ १ ॥

अर्थ

तब उन्होंने राम-नाम से अंकित अत्यन्त सुन्दर एवं मनोहर अँगूठी देखी। अँगूठी को पहचानकर सीताजी आश्चर्यचकित होकर उसे देखने लगीं और हर्ष तथा विषाद से हृदय में अकुला उठीं।

संदर्भ

यह सुन्दरकाण्ड के “श्रीसीता-हनुमान संवाद” प्रकरण का चौपाई १, दोहा १३ के अंतर्गत है। इस प्रकरण में सीताजी को श्रीराम की मुद्रिका और संदेश देने तथा उनके प्रभु-आगमन की आशा का संवाद का वर्णन है।

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श्रीसीता-हनुमान संवाद