सुनि रावन पठए भट नाना
सुनि रावन पठए भट नाना
चौपाई ३, दोहा १८ के अंतर्गत · सुन्दरकाण्ड
चौपाई पाठ
सुनि रावन पठए भट नाना। तिन्हहि देखि गर्जेउ हनुमाना॥ सब रजनीचर कपि संघारे। गए पुकारत कछु अधमारे॥ ३ ॥
अर्थ
यह सुनकर रावण ने बहुत-से योद्धा भेजे। उन्हें देखकर हनुमानजी ने गर्जना की। हनुमानजी ने सब राक्षसों को मार डाला, कुछ जो अधमरे थे, चिल्लाते हुए गये।
संदर्भ
यह सुन्दरकाण्ड के “अशोकवाटिका विध्वंस, नागपाश में बँधना” प्रकरण का चौपाई ३, दोहा १८ के अंतर्गत है। इस प्रकरण में हनुमानजी द्वारा अशोकवाटिका विध्वंस, अक्षयकुमार वध और मेघनाद के नागपाश में बँधकर रावण-सभा में जाने का वर्णन है।
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अशोकवाटिका विध्वंस, नागपाश में बँधना