सकल चरित तिन्ह देखे धरें कपट

दोहा ५१ · सुन्दरकाण्ड

दोहा पाठ

सकल चरित तिन्ह देखे धरें कपट कपि देह। प्रभु गुन हृदयँ सराहहिं सरनागत पर नेह॥ ५१ ॥

अर्थ

कपट से वानर का शरीर धारण कर उन्होंने सब लीलाएँ देखीं। वे अपने हृदय में प्रभु के गुणों और शरणागत पर उनके स्नेह की सराहना करने लगे।

संदर्भ

यह सुन्दरकाण्ड के “शुक दूत का आना, लक्ष्मण का पत्र” प्रकरण का दोहा ५१ है। इस प्रकरण में समुद्र पार करने के उपाय, शुक दूत का आगमन और लक्ष्मण के पत्र सहित वापसी का वर्णन है।

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शुक दूत का आना, लक्ष्मण का पत्र