रामचंद्र गुन बरनैं लागा

चौपाई ३, दोहा १३ के अंतर्गत · सुन्दरकाण्ड

चौपाई पाठ

रामचंद्र गुन बरनैं लागा। सुनतहिं सीता कर दुख भागा॥ लागीं सुनैं श्रवन मन लाई। आदिहु तें सब कथा सुनाई॥ ३ ॥

अर्थ

वे श्रीरामचन्द्रजी के गुणों का वर्णन करने लगे, [जिनके] सुनते ही सीताजी का दुःख भाग गया। वे कान और मन लगाकर उन्हें सुनने लगीं। हनुमानजी ने आदि से लेकर सारी कथा कह सुनायी।

संदर्भ

यह सुन्दरकाण्ड के “श्रीसीता-हनुमान संवाद” प्रकरण का चौपाई ३, दोहा १३ के अंतर्गत है। इस प्रकरण में सीताजी को श्रीराम की मुद्रिका और संदेश देने तथा उनके प्रभु-आगमन की आशा का संवाद का वर्णन है।

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श्रीसीता-हनुमान संवाद