मंदिर मंदिर प्रति करि सोधा

चौपाई ३, दोहा ५ के अंतर्गत · सुन्दरकाण्ड

चौपाई पाठ

मंदिर मंदिर प्रति करि सोधा। देखे जहँ तहँ अगनित जोधा॥ गयउ दसानन मंदिर माहीं। अति बिचित्र कहि जात सो नाहीं॥ ३ ॥

अर्थ

उन्होंने एक-एक (प्रत्येक) महल की खोज की। जहाँ-तहाँ असंख्य योद्धा देखे। फिर वे रावण के महल में गये। वह अत्यन्त विचित्र था, जिसका वर्णन नहीं हो सकता।

संदर्भ

यह सुन्दरकाण्ड के “लंकिनी वध और लंका प्रवेश” प्रकरण का चौपाई ३, दोहा ५ के अंतर्गत है। इस प्रकरण में हनुमानजी द्वारा स्वर्णमयी लंका दर्शन, लंकिनी को परास्त कर सूक्ष्म रूप से नगर प्रवेश का वर्णन है।

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लंकिनी वध और लंका प्रवेश