बुध पुरान श्रुति संमत बानी
बुध पुरान श्रुति संमत बानी
चौपाई १, दोहा ४१ के अंतर्गत · सुन्दरकाण्ड
चौपाई पाठ
बुध पुरान श्रुति संमत बानी। कही बिभीषन नीति बखानी॥ सुनत दसानन उठा रिसाई। खल तोहि निकट मृत्यु अब आई॥ १ ॥
अर्थ
विभीषण ने पण्डितों, पुराणों और वेदों द्वारा सम्मत (अनुमोदित) वाणी से नीति बखानकर कही। पर उसे सुनते ही रावण क्रोधित होकर उठा और बोला कि रे दुष्ट! अब मृत्यु तेरे निकट आ गयी है!
संदर्भ
यह सुन्दरकाण्ड के “विभीषण की रावण को सलाह” प्रकरण का चौपाई १, दोहा ४१ के अंतर्गत है। इस प्रकरण में विभीषण द्वारा रावण को नीति-उपदेश और रावण के अपमान के बाद विभीषण का लंका-त्याग निश्चय का वर्णन है।
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विभीषण की रावण को सलाह