तुरत निसाचर एक पठावा
तुरत निसाचर एक पठावा
चौपाई १, दोहा १९ के अंतर्गत · लंकाकाण्ड
चौपाई पाठ
तुरत निसाचर एक पठावा। समाचार रावनहि जनावा॥ सुनत बिहँसि बोला दससीसा। आनहु बोलि कहाँ कर कीसा॥ १ ॥
अर्थ
तुरंत ही उन्होंने एक राक्षस को भेजा और रावण को अपने आने का समाचार सूचित किया। सुनते ही रावण हँसकर बोला--बुला लाओ, [देखें] कहाँ का बंदर है।
संदर्भ
यह लंकाकाण्ड के “अंगद का लंका में रावण से संवाद” प्रकरण का चौपाई १, दोहा १९ के अंतर्गत है। इस प्रकरण में अंगद का लंका की सभा में रावण को सीता लौटाने और राम की शरण लेने का अंतिम अवसर देने का वर्णन है।
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अंगद का लंका में रावण से संवाद