तोहि पटकि महि सेन हति चौपट
तोहि पटकि महि सेन हति चौपट
दोहा ३० · लंकाकाण्ड
दोहा पाठ
तोहि पटकि महि सेन हति चौपट करि तव गाउँ। तव जुबतिन्ह समेत सठ जनकसुतहि लै जाउँ॥ ३० ॥
अर्थ
तुझे जमीन पर पटककर, तेरी सेना का संहार कर और तेरे गाँव को चौपट [नष्ट-भ्रष्ट] करके, अरे मूर्ख! तेरी युवती स्त्रियों सहित जानकीजी को ले जाऊँ।
संदर्भ
यह लंकाकाण्ड के “अंगद का लंका में रावण से संवाद” प्रकरण का दोहा ३० है। इस प्रकरण में अंगद का लंका की सभा में रावण को सीता लौटाने और राम की शरण लेने का अंतिम अवसर देने का वर्णन है।
पूरा प्रकरण पढ़ें
पूरा प्रकरण पढ़ें
अंगद का लंका में रावण से संवाद