सुर बानर देखे बिकल हँस्यो कोसलाधीस
सुर बानर देखे बिकल हँस्यो कोसलाधीस
दोहा ९६ · लंकाकाण्ड
दोहा पाठ
सुर बानर देखे बिकल हँस्यो कोसलाधीस। सजि सारंग एक सर हते सकल दससीस॥ ९६ ॥
अर्थ
देवताओं और वानरों को विकल देखकर कोसलपति श्रीरामजी हँसे और शार्ङ्गधनुष पर एक बाण चढ़ाकर सभी रावणों को मार डाला।
संदर्भ
यह लंकाकाण्ड के “रावण की माया, राम द्वारा नाश” प्रकरण का दोहा ९६ है। इस प्रकरण में रावण की मायावी युद्धलीला और राम द्वारा उसका नाश का वर्णन है।
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रावण की माया, राम द्वारा नाश