सुनि संदेसु भानुकुलभूषन
सुनि संदेसु भानुकुलभूषन
चौपाई २, दोहा १०८ के अंतर्गत · लंकाकाण्ड
चौपाई पाठ
सुनि संदेसु भानुकुलभूषन। बोलि लिए जुबराज बिभीषन॥ मारुतसुत के संग सिधावहु। सादर जनकसुतहि लै आवहु॥ २ ॥
अर्थ
सूर्यकुलभूषण श्रीरामजी ने सन्देश सुनकर युवराज अंगद और विभीषण को बुला लिया [और कहा--] पवनपुत्र हनुमान के साथ जाओ और जानकी को आदर के साथ ले आओ।
संदर्भ
यह लंकाकाण्ड के “सीताजी को कुशल समाचार और अग्नि परीक्षा” प्रकरण का चौपाई २, दोहा १०८ के अंतर्गत है। इस प्रकरण में हनुमानजी द्वारा सीताजी को राम की कुशल सुनाना और सीताजी की अग्नि परीक्षा द्वारा पवित्रता प्रकट होने का वर्णन है।
पूरा प्रकरण पढ़ें
पूरा प्रकरण पढ़ें
सीताजी को कुशल समाचार और अग्नि परीक्षा