संग भालु भूधर तरु धारी
संग भालु भूधर तरु धारी
चौपाई ७, दोहा ९८ के अंतर्गत · लंकाकाण्ड
चौपाई पाठ
संग भालु भूधर तरु धारी। मारन लगे पचारि पचारी॥ भयउ क्रुद्ध रावन बलवाना। गहि पद महि पटकइ भट नाना॥ ७ ॥
अर्थ
जाम्बवान् के साथ जो भालू थे, वे पर्वत और वृक्ष धारण किये रावण को ललकार-ललकारकर मारने लगे। बलवान रावण क्रोधित हुआ और पैर पकड़-पकड़कर वह अनेक योद्धाओं को पृथ्वी पर पटकने लगा।
संदर्भ
यह लंकाकाण्ड के “घोर युद्ध, रावण की मूर्छा” प्रकरण का चौपाई ७, दोहा ९८ के अंतर्गत है। इस प्रकरण में घोर युद्ध में राम के प्रहारों से रावण की मूर्छा और वानर वीरों के पराक्रम का वर्णन है।
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घोर युद्ध, रावण की मूर्छा