रन सोभा लगि प्रभुहिं बँधायो
रन सोभा लगि प्रभुहिं बँधायो
चौपाई ७, दोहा ७३ के अंतर्गत · लंकाकाण्ड
चौपाई पाठ
रन सोभा लगि प्रभुहिं बँधायो। नागपास देवन्ह भय पायो॥ ७ ॥
अर्थ
रण की शोभा के लिये प्रभु ने अपने को नागपाश में बँधा लिया; किन्तु उससे देवताओं को बड़ा भय हुआ।
संदर्भ
यह लंकाकाण्ड के “मेघनाद का राम को नागपाश में बाँधना” प्रकरण का चौपाई ७, दोहा ७३ के अंतर्गत है। इस प्रकरण में मेघनाद के मायावी युद्ध और रामजी के लीला से नागपाश में बँधने का वर्णन है।
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मेघनाद का राम को नागपाश में बाँधना