नाना बिधि तेहि कहेसि बुझाई
नाना बिधि तेहि कहेसि बुझाई
चौपाई ३, दोहा ८ के अंतर्गत · लंकाकाण्ड
चौपाई पाठ
नाना बिधि तेहि कहेसि बुझाई। सभाँ बहोरि बैठ सो जाई॥ मंदोदरीं हृदयँ अस जाना। काल बस्य उपजा अभिमाना॥ ३ ॥
अर्थ
मन्दोदरी ने उसे बहुत तरह से समझाकर कहा [किन्तु रावण ने उसकी एक भी बात न सुनी] और वह फिर सभा में जाकर बैठ गया। मन्दोदरी ने हृदय में ऐसा जान लिया कि काल के वश होने से पति को अभिमान हो गया है।
संदर्भ
यह लंकाकाण्ड के “मंदोदरी का रावण को उपदेश” प्रकरण का चौपाई ३, दोहा ८ के अंतर्गत है। इस प्रकरण में मंदोदरी द्वारा रावण को सीता-वापसी का उपदेश और रावण-प्रहस्त संवाद का वर्णन है।
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मंदोदरी का रावण को उपदेश