महाबीर निसिचर सब कारे

चौपाई ४, दोहा ४६ के अंतर्गत · लंकाकाण्ड

चौपाई पाठ

महाबीर निसिचर सब कारे। नाना बरन बलीमुख भारे॥ सबल जुगल दल समबल जोधा। कौतुक करत लरत करि क्रोधा॥ ४ ॥

अर्थ

सभी राक्षस महान् वीर और अत्यन्त काले हैं और वानर विशालकाय तथा अनेकों रंगों के हैं। दोनों ही दल बलवान् हैं और समान बलवाले योद्धा हैं। वे क्रोध करके लड़ते हैं और खेल करते (वीरता दिखलाते) हैं।

संदर्भ

यह लंकाकाण्ड के “युद्धारम्भ” प्रकरण का चौपाई ४, दोहा ४६ के अंतर्गत है। इस प्रकरण में वानर और राक्षस सेनाओं के बीच लंका के महासंग्राम के आरंभ का वर्णन है।

पूरा प्रकरण पढ़ें

पूरा प्रकरण पढ़ें
युद्धारम्भ