लागि सक्ति मुरुछा कछु भई
लागि सक्ति मुरुछा कछु भई
चौपाई २, दोहा ९४ के अंतर्गत · लंकाकाण्ड
चौपाई पाठ
लागि सक्ति मुरुछा कछु भई। प्रभु कृत खेल सुरन्ह बिकलई॥ देखि बिभीषन प्रभु श्रम पायो। गहि कर गदा क्रुद्ध होइ धायो॥ २ ॥
अर्थ
शक्ति लगने से उन्हें कुछ मूर्च्छा हो गयी। प्रभु ने यह लीला की, पर देवताओं को व्याकुलता हुई। प्रभु को श्रम प्राप्त हुआ देखकर विभीषण क्रोधित हो हाथ में गदा लेकर दौड़े।
संदर्भ
यह लंकाकाण्ड के “राम ने विभीषण की शक्ति अपने पर ली” प्रकरण का चौपाई २, दोहा ९४ के अंतर्गत है। इस प्रकरण में रावण की शक्ति से विभीषण की रक्षा हेतु राम का स्वयं शक्ति सहना और विभीषण-रावण युद्ध का वर्णन है।
पूरा प्रकरण पढ़ें
पूरा प्रकरण पढ़ें
राम ने विभीषण की शक्ति अपने पर ली