कहँ कोसलाधीस द्वौ भ्राता
कहँ कोसलाधीस द्वौ भ्राता
चौपाई १, दोहा ५० के अंतर्गत · लंकाकाण्ड
चौपाई पाठ
कहँ कोसलाधीस द्वौ भ्राता। धन्वी सकल लोक बिख्याता॥ कहँ नल नील दुबिद सुग्रीवा। अंगद हनूमंत बल सींवा॥ १ ॥
अर्थ
समस्त लोकों में प्रसिद्ध धनुर्धर कोसलाधीश दोनों भाई कहाँ हैं ? नल, नील, द्विविद, सुग्रीव और बल की सीमा अंगद और हनुमान् कहाँ हैं ?
संदर्भ
यह लंकाकाण्ड के “माल्यवान का रावण को समझाना” प्रकरण का चौपाई १, दोहा ५० के अंतर्गत है। इस प्रकरण में माल्यवान द्वारा रावण को संधि और विवेक का परामर्श देने तथा रावण के दुराग्रह का वर्णन है।
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माल्यवान का रावण को समझाना