कहइ दसानन सुनहु सुभट्टा

चौपाई ६, दोहा ७९ के अंतर्गत · लंकाकाण्ड

चौपाई पाठ

कहइ दसानन सुनहु सुभट्टा। मर्दहु भालु कपिन्ह के ठट्टा॥ हौं मारिहउँ भूप द्वौ भाई। अस कहि सन्मुख फौज रेंगाई॥ ६ ॥

अर्थ

रावण ने कहा—हे उत्तम योद्धाओ! सुनो। तुम रीछ-वानरों के ठट्टों को मसल डालो। और मैं दोनों भाइयों को मारूँगा। ऐसा कहकर उसने अपनी सेना सामने चलायी।

संदर्भ

यह लंकाकाण्ड के “रावण का प्रस्थान, राम का विजय रथ” प्रकरण का चौपाई ६, दोहा ७९ के अंतर्गत है। इस प्रकरण में रावण के युद्ध-प्रस्थान, राम के विजय रथ के महात्म्य और वानर-राक्षस संग्राम का वर्णन है।

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रावण का प्रस्थान, राम का विजय रथ