जथाजोग सेनापति कीन्हे
जथाजोग सेनापति कीन्हे
चौपाई ३, दोहा ३९ के अंतर्गत · लंकाकाण्ड
चौपाई पाठ
जथाजोग सेनापति कीन्हे। जूथप सकल बोलि तब लीन्हे॥ प्रभु प्रताप कहि सब समुझाए। सुनि कपि सिंघनाद करि धाए॥ ३ ॥
अर्थ
और उनके लिये यथायोग्य (जैसे चाहिये वैसे) सेनापति नियुक्त किये। फिर सब यूथपतियों को बुला लिया और प्रभु का प्रताप कहकर सबको समझाया, जिसे सुनकर वानर सिंह के समान गर्जना करके दौड़े।
संदर्भ
यह लंकाकाण्ड के “अंगद-राम-संवाद” प्रकरण का चौपाई ३, दोहा ३९ के अंतर्गत है। इस प्रकरण में अंगद के लौटने पर राम-मंत्रणा और लंका पर चतुर्दिक आक्रमण की रणनीति का वर्णन है।
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अंगद-राम-संवाद