जहँ जहँ कृपासिंधु बन कीन्ह बास

दोहा ११९ (ख) · लंकाकाण्ड

दोहा पाठ

जहँ जहँ कृपासिंधु बन कीन्ह बास बिश्राम। सकल देखाए जानकिहि कहे सबन्हि के नाम॥ ११९ (ख) ॥

अर्थ

वन में जहाँ-जहाँ करुणासागर श्रीरामचन्द्रजी ने निवास और विश्राम किया था, वे सब स्थान प्रभु ने जानकीजी को दिखलाये और सब के नाम बतलाये।

संदर्भ

यह लंकाकाण्ड के “पुष्पक विमान से अयोध्या प्रस्थान” प्रकरण का दोहा ११९ (ख) है। इस प्रकरण में श्रीसीता-रामजी का पुष्पक विमान पर आरूढ़ होकर अयोध्या की ओर आनंदमयी प्रस्थान का वर्णन है।

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पुष्पक विमान से अयोध्या प्रस्थान