इहाँ सुबेल सैल रघुबीरा

चौपाई १, दोहा ११ के अंतर्गत · लंकाकाण्ड

चौपाई पाठ

इहाँ सुबेल सैल रघुबीरा। उतरे सेन सहित अति भीरा॥ सिखर एक उतंग अति देखी। परम रम्य सम सुभ्र बिसेषी॥ १ ॥

अर्थ

यहाँ श्रीरघुवीर सुबेल पर्वत पर सेना की बड़ी भीड़ (बड़े समूह) के साथ उतरे। पर्वत का एक बहुत ऊँचा, परम रमणीय, समतल और विशेष रूप से उज्ज्वल शिखर देखकर--।

संदर्भ

यह लंकाकाण्ड के “सुबेल पर राम की झाँकी, चंद्रोदय” प्रकरण का चौपाई १, दोहा ११ के अंतर्गत है। इस प्रकरण में सुबेल पर्वत पर श्रीराम की मनोहर झाँकी और चंद्रोदय की अलौकिक शोभा का वर्णन है।

पूरा प्रकरण पढ़ें

पूरा प्रकरण पढ़ें
सुबेल पर राम की झाँकी, चंद्रोदय