हिरन्याच्छ भ्राता सहित मधु कैटभ बलवान

दोहा ४८ (क) · लंकाकाण्ड

दोहा पाठ

हिरन्याच्छ भ्राता सहित मधु कैटभ बलवान। जेहिं मारे सोइ अवतरेउ कृपासिंधु भगवान॥ ४८ (क) ॥

अर्थ

भाई हिरण्याक्ष सहित मधु-कैटभ को जिन्होंने मारा था, वे ही कृपासिंधु भगवान् [रामरूप से] अवतरित हुए हैं।

संदर्भ

यह लंकाकाण्ड के “माल्यवान का रावण को समझाना” प्रकरण का दोहा ४८ (क) है। इस प्रकरण में माल्यवान द्वारा रावण को संधि और विवेक का परामर्श देने तथा रावण के दुराग्रह का वर्णन है।

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माल्यवान का रावण को समझाना