बाजहिं ताल पखाउज बीना
बाजहिं ताल पखाउज बीना
चौपाई ५, दोहा १० के अंतर्गत · लंकाकाण्ड
चौपाई पाठ
बाजहिं ताल पखाउज बीना। नृत्य करहिं अपछरा प्रबीना॥ ५ ॥
अर्थ
ताल (करताल), पखावज (मृदंग) और वीणा बज रहे हैं। नृत्य में प्रवीण अप्सराएँ नाच रही हैं।
संदर्भ
यह लंकाकाण्ड के “मंदोदरी का रावण को उपदेश” प्रकरण का चौपाई ५, दोहा १० के अंतर्गत है। इस प्रकरण में मंदोदरी द्वारा रावण को सीता-वापसी का उपदेश और रावण-प्रहस्त संवाद का वर्णन है।
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मंदोदरी का रावण को उपदेश