तजि माया सेइअ परलोका

चौपाई ३, दोहा २३ के अंतर्गत · किष्किन्धाकाण्ड

चौपाई पाठ

तजि माया सेइअ परलोका। मिटहिं सकल भवसंभव सोका॥ देह धरे कर यह फलु भाई। भजिअ राम सब काम बिहाई॥ ३ ॥

अर्थ

माया (विषयों की ममता-आसक्ति) को छोड़कर परलोक का सेवन करना चाहिये, जिससे भव (जन्म-मरण) से उत्पन्न सारे शोक मिट जायें। हे भाई! देह धारण करने का यही फल है कि सब कामों (कामनाओं) को छोड़कर श्रीरामजी का भजन ही किया जाय।

संदर्भ

यह किष्किन्धाकाण्ड के “सुग्रीव-राम संवाद और वानरों का प्रस्थान” प्रकरण का चौपाई ३, दोहा २३ के अंतर्गत है। इस प्रकरण में सुग्रीव-राम संवाद और सीताजी की खोज हेतु वानर दलों का चारों दिशाओं में प्रस्थान का वर्णन है।

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सुग्रीव-राम संवाद और वानरों का प्रस्थान