सुनु हनुमंत संग लै तारा

चौपाई २, दोहा २० के अंतर्गत · किष्किन्धाकाण्ड

चौपाई पाठ

सुनु हनुमंत संग लै तारा। करि बिनती समुझाउ कुमारा॥ तारा सहित जाइ हनुमाना। चरन बंदि प्रभु सुजस बखाना॥ २ ॥

अर्थ

हे हनुमान! सुनो, तुम तारा को साथ ले जाकर विनती करके कुमार को समझाओ (समझा-बुझाकर शान्त करो)। हनुमानजी ने तारासहित जाकर लक्ष्मणजी के चरणों की वन्दना की और प्रभु के सुन्दर यश का बखान किया।

संदर्भ

यह किष्किन्धाकाण्ड के “सुग्रीव पर राम की नाराजी, लक्ष्मण का कोप” प्रकरण का चौपाई २, दोहा २० के अंतर्गत है। इस प्रकरण में वर्षा बाद सुग्रीव की उदासीनता पर राम का असंतोष और लक्ष्मण का कोपसहित किष्किंधा-प्रस्थान का वर्णन है।

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सुग्रीव पर राम की नाराजी, लक्ष्मण का कोप