मूदहु नयन बिबर तजि जाहू
मूदहु नयन बिबर तजि जाहू
चौपाई ३, दोहा २५ के अंतर्गत · किष्किन्धाकाण्ड
चौपाई पाठ
मूदहु नयन बिबर तजि जाहू। पैहहु सीतहि जनि पछिताहू॥ नयन मूदि पुनि देखहिं बीरा। ठाढ़े सकल सिंधु कें तीरा॥ ३ ॥
अर्थ
तुम लोग आँखें मूँद लो और गुफा को छोड़कर बाहर जाओ। तुम सीताजी को पा जाओगे, पछताओ नहीं (निराश न होओ)। आँखें मूँदकर फिर जब आँखें खोलीं तो सब वीर क्या देखते हैं कि सब समुद्र के तीर पर खड़े हैं।
संदर्भ
यह किष्किन्धाकाण्ड के “गुफा में स्वयंप्रभा के दर्शन” प्रकरण का चौपाई ३, दोहा २५ के अंतर्गत है। इस प्रकरण में सीता-खोज में वानरों का गुफा में तपस्विनी स्वयंप्रभा से मिलन और उनके द्वारा मार्गदर्शन का वर्णन है।
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गुफा में स्वयंप्रभा के दर्शन