कोसलेस दसरथ के जाए
कोसलेस दसरथ के जाए
चौपाई १, दोहा २ के अंतर्गत · किष्किन्धाकाण्ड
चौपाई पाठ
कोसलेस दसरथ के जाए। हम पितु बचन मानि बन आए॥ नाम राम लछिमन दौउ भाई। संग नारि सुकुमारि सुहाई॥ १ ॥
अर्थ
[श्रीरामचन्द्रजी ने कहा--] हम कोसलराज दशरथजी के पुत्र हैं और पिता के वचन मानकर वन आए हैं। हमारे नाम राम और लक्ष्मण हैं, हम दोनों भाई हैं। हमारे साथ सुन्दर सुकुमारी स्त्री थी।
संदर्भ
यह किष्किन्धाकाण्ड के “हनुमानजी-राम मिलन और राम-सुग्रीव मित्रता” प्रकरण का चौपाई १, दोहा २ के अंतर्गत है। इस प्रकरण में हनुमानजी और श्रीराम के मिलन तथा अग्नि को साक्षी मानकर राम-सुग्रीव की पवित्र मित्रता स्थापित होने का वर्णन है।
पूरा प्रकरण पढ़ें
पूरा प्रकरण पढ़ें
हनुमानजी-राम मिलन और राम-सुग्रीव मित्रता