गिरिबर गुहाँ पैठ सो जाई

चौपाई ३, दोहा ६ के अंतर्गत · किष्किन्धाकाण्ड

चौपाई पाठ

गिरिबर गुहाँ पैठ सो जाई। तब बालीं मोहि कहा बुझाई॥ परिखेसु मोहि एक पखवारा। नहिं आवौं तब जानेसु मारा॥ ३ ॥

अर्थ

वह मायावी एक पर्वत की गुफा में जा घुसा। तब बालि ने मुझे समझाकर कहा—तुम एक पखवाड़े (पंद्रह दिन) तक मेरी बाट देखना। यदि मैं तब न आऊँ तो जान लेना कि मैं मारा गया।

संदर्भ

यह किष्किन्धाकाण्ड के “सुग्रीव का दुःख और बालि वध की प्रतिज्ञा” प्रकरण का चौपाई ३, दोहा ६ के अंतर्गत है। इस प्रकरण में सुग्रीव का दुःख-संवाद, बालि वध की प्रतिज्ञा और सच्चे मित्र के लक्षणों पर श्रीराम का उपदेश का वर्णन है।

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सुग्रीव का दुःख और बालि वध की प्रतिज्ञा