एहि बिधि सकल कथा समुझाई

चौपाई ३, दोहा ४ के अंतर्गत · किष्किन्धाकाण्ड

चौपाई पाठ

एहि बिधि सकल कथा समुझाई। लिए दुऔ जन पीठि चढ़ाई॥ जब सुग्रीवँ राम कहुँ देखा। अतिसय जन्म धन्य करि लेखा॥ ३ ॥

अर्थ

इस प्रकार सब बातें समझाकर हनुमानजी ने [श्रीराम-लक्ष्मण] दोनों जनों को पीठ पर चढ़ा लिया। जब सुग्रीव ने श्रीरामचन्द्रजी को देखा तो अपने जन्म को अत्यन्त धन्य समझा।

संदर्भ

यह किष्किन्धाकाण्ड के “हनुमानजी-राम मिलन और राम-सुग्रीव मित्रता” प्रकरण का चौपाई ३, दोहा ४ के अंतर्गत है। इस प्रकरण में हनुमानजी और श्रीराम के मिलन तथा अग्नि को साक्षी मानकर राम-सुग्रीव की पवित्र मित्रता स्थापित होने का वर्णन है।

पूरा प्रकरण पढ़ें

पूरा प्रकरण पढ़ें
हनुमानजी-राम मिलन और राम-सुग्रीव मित्रता