बहु छल बल सुग्रीव कर हियँ
बहु छल बल सुग्रीव कर हियँ
दोहा ८ · किष्किन्धाकाण्ड
दोहा पाठ
बहु छल बल सुग्रीव कर हियँ हारा भय मानि। मारा बालि राम तब हृदय माझ सर तानि॥ ८ ॥
अर्थ
सुग्रीव ने बहुत-से छल-बल किये, किन्तु [अन्त में] भय मानकर हृदय से हार गया। तब श्रीरामजी ने तानकर बालि के हृदय में बाण मारा।
संदर्भ
यह किष्किन्धाकाण्ड के “बालि-सुग्रीव युद्ध, बालि उद्धार” प्रकरण का दोहा ८ है। इस प्रकरण में बालि-सुग्रीव युद्ध, राम द्वारा बालि वध, और बालि को परम गति की प्राप्ति का वर्णन है।
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बालि-सुग्रीव युद्ध, बालि उद्धार