परा बिकल महि सर के लागें
परा बिकल महि सर के लागें
चौपाई १, दोहा ९ के अंतर्गत · किष्किन्धाकाण्ड
चौपाई पाठ
परा बिकल महि सर के लागें। पुनि उठि बैठ देखि प्रभु आगें॥ स्याम गात सिर जटा बनाएँ। अरुन नयन सर चाप चढ़ाएँ॥ १ ॥
अर्थ
बाण के लगते ही बालि व्याकुल होकर पृथ्वी पर गिर पड़ा। फिर उठकर बैठ गया, और प्रभु को आगे देखकर। भगवान् का श्याम शरीर है, सिर पर जटा बनाए हैं, लाल नेत्र हैं, बाण लिये हैं और धनुष चढ़ाए हैं।
संदर्भ
यह किष्किन्धाकाण्ड के “बालि-सुग्रीव युद्ध, बालि उद्धार” प्रकरण का चौपाई १, दोहा ९ के अंतर्गत है। इस प्रकरण में बालि-सुग्रीव युद्ध, राम द्वारा बालि वध, और बालि को परम गति की प्राप्ति का वर्णन है।
पूरा प्रकरण पढ़ें
पूरा प्रकरण पढ़ें
बालि-सुग्रीव युद्ध, बालि उद्धार