तुलसी जसि भवतब्यता तैसी मिलइ सहाइ
तुलसी जसि भवतब्यता तैसी मिलइ सहाइ
दोहा १५९ (ख) · बालकाण्ड
दोहा पाठ
तुलसी जसि भवतब्यता तैसी मिलइ सहाइ। आपुनु आवइ ताहि पहिं ताहि तहाँ लै जाइ॥ १५९ (ख) ॥
अर्थ
तुलसीदासजी कहते हैं--जैसी भवितव्यता (होनहार) होती है, वैसी ही सहायता मिल जाती है। या तो वह आप ही उसके पास आती है, या उसको वहाँ ले जाती है।
संदर्भ
यह बालकाण्ड के “प्रतापभानु की कथा” प्रकरण का दोहा १५९ (ख) है। इस प्रकरण में राजा प्रतापभानु के छल द्वारा विपथित होने और ब्राह्मण-शाप से उनके विनाश का वर्णन है।
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प्रतापभानु की कथा