तस मैं सुमुखि सुनावउँ तोही
तस मैं सुमुखि सुनावउँ तोही
चौपाई ३, दोहा १२१ के अंतर्गत · बालकाण्ड
चौपाई पाठ
तस मैं सुमुखि सुनावउँ तोही। समुझि परइ जस कारन मोही॥ जब जब होइ धरम कै हानी। बाढ़हिं असुर अधम अभिमानी॥ ३ ॥
अर्थ
और जैसा कुछ मेरी समझ में आता है, हे सुमुखि! वही कारण मैं तुमको सुनाता हूँ। जब-जब धर्म का हास होता है और नीच अभिमानी राक्षस बढ़ जाते हैं।
संदर्भ
यह बालकाण्ड के “श्रीरामावतार के हेतु” प्रकरण का चौपाई ३, दोहा १२१ के अंतर्गत है। इस प्रकरण में श्रीरामावतार के कारणों और रावण-कुम्भकर्ण के जन्म के हेतु का वर्णन है।
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श्रीरामावतार के हेतु