तबहिं रायँ प्रिय नारि बोलाईं
तबहिं रायँ प्रिय नारि बोलाईं
चौपाई १, दोहा १९० के अंतर्गत · बालकाण्ड
चौपाई पाठ
तबहिं रायँ प्रिय नारि बोलाईं। कौसल्यादि तहाँ चलि आईं॥ अर्ध भाग कौसल्यहि दीन्हा। उभय भाग आधे कर कीन्हा॥ १ ॥
अर्थ
उसी समय राजा ने अपनी प्यारी नारियों को बुलाया। कौसल्या आदि वहाँ चली आयीं। राजा ने [पायस का] आधा भाग कौसल्या को दिया, [और शेष] आधे के दो भाग किये।
संदर्भ
यह बालकाण्ड के “दशरथ का पुत्रेष्टि यज्ञ” प्रकरण का चौपाई १, दोहा १९० के अंतर्गत है। इस प्रकरण में राजा दशरथ के पुत्रेष्टि यज्ञ और रानियों के गर्भवती होने का वर्णन है।
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दशरथ का पुत्रेष्टि यज्ञ