स्याम गात कल कंज बिलोचन
स्याम गात कल कंज बिलोचन
चौपाई ३, दोहा २२१ के अंतर्गत · बालकाण्ड
चौपाई पाठ
स्याम गात कल कंज बिलोचन। जो मारीच सुभुज मदु मोचन॥ कौसल्या सुत सो सुख खानी। नामु रामु धनु सायक पानी॥ ३ ॥
अर्थ
जिनका श्याम शरीर और सुन्दर कमल-जैसे नेत्र हैं, जो मारीच और सुबाहु के मद को चूर करनेवाले और सुख की खान हैं और जो हाथ में धनुष-बाण लिये हुए हैं, वे कौसल्याजी के पुत्र हैं; इनका नाम राम है।
संदर्भ
यह बालकाण्ड के “श्रीराम-लक्ष्मण का जनकपुर निरीक्षण” प्रकरण का चौपाई ३, दोहा २२१ के अंतर्गत है। इस प्रकरण में श्रीराम-लक्ष्मण द्वारा जनकपुर भ्रमण और नगरवासियों के मुग्ध होने का वर्णन है।
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श्रीराम-लक्ष्मण का जनकपुर निरीक्षण