गौर किसोर बेषु बर काछें
गौर किसोर बेषु बर काछें
चौपाई ४, दोहा २२१ के अंतर्गत · बालकाण्ड
चौपाई पाठ
गौर किसोर बेषु बर काछें। कर सर चाप राम के पाछें॥ लछिमनु नामु राम लघु भ्राता। सुनु सखि तासु सुमित्रा माता॥ ४ ॥
अर्थ
जिनका रंग गोरा और किशोर अवस्था है और जो सुन्दर वेष बनाये और हाथ में धनुष-बाण लिये श्रीरामजी के पीछे-पीछे चल रहे हैं, वे इनके छोटे भाई हैं; उनका नाम लक्ष्मण है। हे सखी! सुनो, उनकी माता सुमित्रा हैं।
संदर्भ
यह बालकाण्ड के “श्रीराम-लक्ष्मण का जनकपुर निरीक्षण” प्रकरण का चौपाई ४, दोहा २२१ के अंतर्गत है। इस प्रकरण में श्रीराम-लक्ष्मण द्वारा जनकपुर भ्रमण और नगरवासियों के मुग्ध होने का वर्णन है।
पूरा प्रकरण पढ़ें
पूरा प्रकरण पढ़ें
श्रीराम-लक्ष्मण का जनकपुर निरीक्षण