सो मैं तुम्ह सन कहउँ सबु
सो मैं तुम्ह सन कहउँ सबु
दोहा १४१ · बालकाण्ड
दोहा पाठ
सो मैं तुम्ह सन कहउँ सबु सुनु मुनीस मन लाइ। राम कथा कलि मल हरनि मंगल करनि सुहाइ॥ १४१ ॥
अर्थ
हे मुनीश्वर भरद्वाज! मैं वह सब तुमसे कहता हूँ, मन लगाकर सुनो। श्रीरामचन्द्रजी की कथा कलियुग के पापों को हरनेवाली, कल्याण करनेवाली और बड़ी सुन्दर है।
संदर्भ
यह बालकाण्ड के “नारद का शाप और मोहभंग” प्रकरण का दोहा १४१ है। इस प्रकरण में नारद का स्वयंवर में मोह, शाप और अंततः माया-भंग का वर्णन है।
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नारद का शाप और मोहभंग