सिवप्रिय मेकल सैल सुता सी

चौपाई ७, दोहा ३१ के अंतर्गत · बालकाण्ड

चौपाई पाठ

सिवप्रिय मेकल सैल सुता सी। सकल सिद्धि सुख संपति रासी॥ सदगुन सुरगन अंब अदिति सी। रघुबर भगति प्रेम परमिति सी॥ ७ ॥

अर्थ

यह रामकथा शिवजी को नर्मदाजी के समान प्यारी है, यह सब सिद्धियों की तथा सुख-सम्पत्ति की राशि है। सद्गुणरूपी देवताओं के उत्पन्न और पालन-पोषण करने के लिये माता अदिति के समान है। श्रीरघुनाथजी की भक्ति और प्रेम की परम सीमा-सी है।

संदर्भ

यह बालकाण्ड के “श्रीरामगुण और श्रीरामचरित की महिमा” प्रकरण का चौपाई ७, दोहा ३१ के अंतर्गत है। इस प्रकरण में श्रीराम के गुण, चरित्र और रामकथा की पवित्रता एवं मुक्तिदायक महिमा का वर्णन है।

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श्रीरामगुण और श्रीरामचरित की महिमा