सती मरनु सुनि संभु गन लगे
सती मरनु सुनि संभु गन लगे
दोहा ६४ · बालकाण्ड
दोहा पाठ
सती मरनु सुनि संभु गन लगे करन मख खीस। जग्य बिधंस बिलोकि भृगु रच्छा कीन्हि मुनीस॥ ६४ ॥
अर्थ
सती का मरण सुनकर शिवजी के गण यज्ञ विध्वंस करने लगे। यज्ञ विध्वंस होते देखकर मुनीश्वर भृगुजी ने उसकी रक्षा की।
संदर्भ
यह बालकाण्ड के “सती का देहत्याग, दक्ष यज्ञ विध्वंस” प्रकरण का दोहा ६४ है। इस प्रकरण में सती का योगाग्नि में देहत्याग और वीरभद्र द्वारा दक्ष यज्ञ के विध्वंस का वर्णन है।
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सती का देहत्याग, दक्ष यज्ञ विध्वंस