सहित सहाय सभीत अति मानि हारि
सहित सहाय सभीत अति मानि हारि
दोहा १२६ · बालकाण्ड
दोहा पाठ
सहित सहाय सभीत अति मानि हारि मन मैन। गहेसि जाइ मुनि चरन तब कहि सुठि आरत बैन॥ १२६ ॥
अर्थ
तब अपने सहायकों समेत कामदेव ने बहुत डरकर और अपने मन में हार मानकर बहुत ही आर्त (दीन) वचन कहते हुए मुनि के चरणों को जा पकड़ा।
संदर्भ
यह बालकाण्ड के “श्रीरामावतार के हेतु” प्रकरण का दोहा १२६ है। इस प्रकरण में श्रीरामावतार के कारणों और रावण-कुम्भकर्ण के जन्म के हेतु का वर्णन है।
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श्रीरामावतार के हेतु